कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के लिए 'मुर्दाबाद' के नारे न लगाएं.
ओडिशा के राऊरकेला में एक जनसभा में भाषण देते समय जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया तो पार्टी कार्यकर्ता मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे जिस पर राहुल ने कहा कि वे बीजेपी पर प्यार और स्नेह से जीत दर्ज करें.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राहुल गांधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से कहा, "ये शब्द (मुर्दाबाद) बीजेपी/आरएसएस के लोग इस्तेमाल करते हैं. हम कांग्रेस में इन शब्दों का इस्तेमाल नहीं करते हैं क्योंकि हम प्यार और स्नेह में विश्वास करते हैं."
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के चेहरे पर हाव-भाव में बदलाव आया है और वह चारों तरफ़ से घिर गए हैं.
ग़ौरतलब है कि जून 2018 में लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा था कि उनके दिल में ज़र्रा भर भी नफ़रत नहीं है और इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को गले लगा लिया.
बीजेपी प्रमुख अमित शाह का कहना है कि 2019 का लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी बनाम तमाम राजनीतिक पार्टियां हैं.
अलीगढ़ में बीजेपी के बूथ कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने गुंडों के उत्साह को ठंडा कर दिया है.
शाह ने कहा कि पहले की सरकारों में भू-माफ़ियाओं के सामने किसी की नहीं चलती थी लेकिन योगी सरकार ने क़ानून को कड़ाई से लागू किया है.
बीजेपी प्रमुख ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के ख़िलाफ़ सारी पार्टियां एकजुट हो रही हैं.
ओडीशा में कालाहांडी ज़िले के भवानीपटना में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर तीखा हमला बोला.
राहुल गांधी ने कहा कि मोदी और पटनायक दोनों प्रदेश के ग़रीबों की ज़मीन छीन अपने उद्योगपति दोस्तों के हवाले कर रहे हैं. कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि पटनायक मोदी के रिमोट कंट्रोल पर काम कर रहे हैं.
राहुल ने कहा, ''पीएम मोदी ने आपको रफ़ाल घोटाला दिया और हम लोग सत्ता में आएंगे तो सुनिश्चित आय देंगे. दुनिया का कोई भी देश ऐसा नहीं कर पाया है लेकिन कांग्रेस की सरकार ऐसा कर दिखाएगी. यह वादा बीजेपी के 15 लाख वाले वादे की तरह नहीं है.''
सोशल मीडिया से अक्सर दूरी रखने वालीं बसपा प्रमुख मायावती आख़िरकार सोशल मीडिया पर आ गई हैं. हालांकि, मायावती का ट्विटर अकाउंट पिछले साल अक्टूबर में बन चुका था लेकिन इससे उन्होंने 22 जनवरी को पहली बार ट्वीट किया था.
इसके बाद बुधवार सुबह तक उनका यह अकाउंट वेरिफ़ाइड भी नहीं था लेकिन अब यह वेरिफ़ाइड हो चुका है और इसे 13 हज़ार से अधिक लोग फ़ॉलो भी कर चुके हैं.
22 जनवरी को किए गए ट्वीट में उन्होंने ख़ुद के ट्विटर पर आने की घोषणा की थी. हालांकि, आज इसकी घोषणा प्रेस रिलीज़ जारी कर की गई है. प्रेस रिलीज़ को उनके ट्विटर हैंडल @SushriMayawati से भी ट्वीट किया गया है.
उनके ट्विटर पर आने का बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी स्वागत किया है.
उन्होंने लिखा कि वह उन्हें ट्विटर पर देखकर ख़ुश हैं और उन्होंने लखनऊ में 13 जनवरी को की गई मुलाक़ात में यह सुझाव दिया था जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया है.
लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री शिल्पा शिंदे मंगलवार को कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गईं. मुंबई के कांग्रेस अध्यक्ष संजय निरुपम ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर शिल्पा शिंदे को कांग्रेस की सदस्यता दी.
इस प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा भी मौजूद थे. 42 साल की शिंदे ने 1999 में टीवी पर अभिनय की शुरुआत की थी लेकिन लोकप्रियता टीवी सीरियल 'भाभी जी घर पर हैं' से मिली. इस सीरियल में शिल्पा शिंदे अंगूरी भाभी का किरदार निभाती थीं. शिल्पा शिंदे बिग बॉस 11 की भी विजेता रही हैं.
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