Wednesday, February 20, 2019

भारत आए सऊदी प्रिंस को एयरपोर्ट लेने पहुंचे मोदी

सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान दो दिवसीय दौरे पर भारत पहुंच गए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयरपोर्ट पहुंचकर उनका स्वागत किया है.

प्रिंस सलमान इस दौरे से ठीक पहले दो दिन के पाकिस्तान दौरे पर भी गए थे.

पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव का असर प्रिंस सलमान के इस पहले द्विपक्षीय भारत दौरे पर भी पड़ सकता है.

क्राउन प्रिंस दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल भारत को अपना तेल अधिक मात्रा में बेचना चाहते हैं.

बुधवार को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रिंस सलमान के बीच वार्ता होगी तो उसमें पुलवामा हमले पर भी विस्तृत चर्चा हो सकती है.

सोमवार को इस्लामाबाद में सऊदी विदेश मंत्री आदेल अल ज़ुबैर ने कहा था, "हमारा मक़सद दोनों देशों, पड़ोसी देशों के बीच तनाव को कम करना है और ये देखना है कि क्या शांति से मतभेद ख़त्म करने का कोई रास्ता हो सकता है."

पुलवामा हमले से पहले सऊदी राजकुमार की यात्रा का मुख्य एजेंडा भारत को तेल की बिक्री और आर्थिक निवेश ही था.

लेकिन अब बदले माहौल में राजनीतिक चर्चाएं भी होंगी.

भारत इस समय अपने कुल तेल आयात का बीस प्रतिशत सऊदी अरब से करता है.

भारत सबसे ज़्यादा तेल ईरान से ख़रीदता है. सऊदी अरब चाहता है कि वो अपने चिर प्रतिद्वंदी ईरान को इस मामले में पीछे छोड़ दे.

इससे पहले जब सऊदी प्रिंस रविवार को पाकिस्तान पहुंचे थे तो वहां उनका ज़ोरदार स्वागत हुआ था.

पाकिस्तान की वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने उन्हें हवा में सलामी दी थी और प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ख़ुद कार चलाकर उन्हें एयरपोर्ट से अपने घर तक लेकर गए थे.

सऊदी प्रिंस ने पाकिस्तान के साथ अपने रिश्तों को बेहद क़रीबी बताते हुए कहा था कि सऊदी अरब भविष्य में भी पाकिस्तान का मज़बूत सहयोगी बना रहना चाहेगा.

उन्होंने पाकिस्तान के साथ बीस अरब डॉलर के निवेश समझौते भी किए थे. इसे अभूतपूर्व आर्थिक निवेश माना जा रहा है.

यही नहीं प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की गुज़ारिश पर उन्होंने सऊदी जेलों में बंद पाकिस्तानी नागरिकों को रिहा करने का आदेश भी दिया.

अब जब वो भारत आएं हैं तो भारत और पाकिस्तान के रिश्तों के तनाव का असर उनकी इस व्यापारिक यात्रा पर हो सकता है.

सऊदी अरब के लिए दोनों ही देशों से रिश्ते अहम हैं. ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बुधवार को होने वाली वार्ता के बाद आने वाले साझा बयान पर सभी की नज़रें बनी हुई हैं.

भारत पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अलग-थलग करने की कोशिशों में जुटा हुआ है.

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